तहसील मुख्यालय से सटे मलदेवा गांव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कराए गए कैलाश कुंज द्वार और लवकुश पार्क के सुंदरीकरण कार्य में बड़ी अनियमितता का आरोप लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्यटन विभाग की ओर से पुराने निर्माण पर ही मरम्मत कर धनराशि खर्च कर दी गई। जो सामग्री उपयोग की गई, उसकी गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है। ग्राम प्रधान सीता जायसवाल ने बताया कि.ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग की ओर से कैलाश कुंज मंदिर का विकास कार्य कराया जा रहा है, लेकिन लंबे समय बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। ठेकेदार ने मनमाने तरीके से कार्य कराया। निर्माण में स्थानीय नदी की मिट्टी युक्त निम्न गुणवत्ता की बालू का उपयोग किया गया है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई है। गांव के श्रवण कुमार ने बताया कि मेरा घर निर्माण कार्य स्थल पर ही है। सुंदरीकरण के नाम कर सब पुराने कार्यों को मरम्मत कर धनराशि निकाल ली गई। लौआ नदी का स्वरूप बदल कर ठेकेदार ने नदी के मिट्टी युक्त बालू व बोल्डर का उपयोग कर मैटेरियल में गड़बड़ी की है। इसकी जांच होना जरूरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लवकुश पार्क में पुरानी सीढ़ियों की मरम्मत कर केवल पटिया बिछाई गई और शेष कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। वहीं पुरानी बिल्डिंग को योगा प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित कर दिया गया है। नदी में बनाए जा रहे शौचालय का निर्माण भी अभी तक अधूरा है। करीब 20 वर्ष पहले क्षेत्र पंचायत से सात लाख रुपये की लागत से बने फुटब्रिज की दोबारा मरम्मत दिखाकर सुंदरीकरण के नाम पर धनराशि निकाल ली गई।
यह निर्माण कार्य दो वर्ष पूर्व का मेरे कार्यकाल से पहले का है। इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। बृहस्पतिवार को स्थलीय निरीक्षण करेंगे। जांच में खामियां मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार भारती, जिला पर्यटन अधिकारी।