आजमगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिला विकास नगरीय अभिकरण (डूडा) के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से किए गए खेल की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। एक तरफ जहां पात्रों को लाभ देने के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे तो वहीं दूसरी तरफ विभाग ने मौके पर जाए बगैर अपात्र को पत्रा बनाकर योजना का लाभ दे दिया। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल ने कहा कि जिस जमीन पर पीएम आवास का निर्माण हो रहा वह उस व्यक्ति के नाम से नहीं है। इसकी रिपोर्ट भी नहीं लगाई थी। पता नहीं कैसे स्वीकृति मिल गई और वह निर्माण करा रहा है।
नगर सिधारी क्षेत्र स्थित बबुआन मुहल्ले में एक व्यक्ति द्वारा आधे रास्ते पर प्रधानमंत्री आवास बनवा रहा है। इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से लगायत बड़े अधिकारियों से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि शासन का सख्त आदेश है कि योजना का लाभ देने से पहले महत्वपूर्ण बिंदुओं व अभिलेखों की जांच कर लें। यदि जिसके पास खुद की भूमि नहीं है तो उसे लाभार्थी की श्रेणी से बाहर रखे जाए। जब इस बारे में डूडा अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय से सवाल किए गए तो वह सीधे बोल दिए जमीन देखना हमारा काम नहीं है। लेखपाल के रिपोर्ट पर ही आवास की स्वीकृति दी गई है। जहां तक रही बात लेखपाल ने इसकी रिपोर्ट नहीं दी है तो लाभार्थी द्वारा दिए गए अभिलेखों की जांच कराई जाएगी। यदि फर्जी पाया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ 420 करने के आरोप में सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम सदर जेआर चौधरी ने कहा कि इस संबंध में हमे जानकारी नहीं है। पेशकार ही इस बारे में कुछ बता पाएंगे। यदि ऐसा कुछ है तो मामले की जांच कराई जाएगी।