आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सूबे के तीन आईपीएस अधिकारियों को सेवामुक्त कर दिया। इसमें एक अधिकारी जिले में भी बतौर एएसपी तैनात रहे है। पीएसी भर्ती (2006) में वसूली के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने उन्हें पकड़ा था। इसके पास से लाखों रुपये भी बरामद हुए थे। वर्तमान में वह 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी में बतौर सेनानायक तैनात थे।
आईपीएस अधिकारी राजेश कृष्ण लगभग एक दशक पूर्व राजेश कृष्ण की जिले में बतौर एएसपी तैनाती थी। इस दौरान पीएससी भर्ती के नाम पर इनके द्वारा जबरदस्त वसूली की गई थी। इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से हुई थी और एंटी करप्शन टीम द्वारा शहर के सिधारी क्षेत्र स्थित एक होटल में छापेमारी कर इन्हें पुलिस भर्ती के नाम पर पैसा लेते रंगेहाथ पकड़ा था। उस समय इनके पास से लगभग 11 लाख रुपये भी बरामद हुए थे, जो वे विभिन्न अभ्यर्थियों से नियुक्ति के नाम पर वसूल किए थे। वर्तमान में राजेश कृष्ण 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी में बतौर सेनानायक तैनात थे। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा की गई स्क्रीनिंग में प्रदेश के तीन आईपीएस अधिकारियों को लोकहित में सेवा में बनाए रखे जाने को उपयुक्त नहीं पाया था। इन तीन आईपीएस अधिकारियों में जिले में बतौर एएसपी तैनात रहे राजेश कृष्ण भी शामिल है। जिसके चलते इन्हें भी सेवामुक्त कर दिया गया है। शासन स्तर से हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।