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जांच में चिन्हित हुए डेढ़ दर्जन फर्जी शिक्षक, जल्द होगी कार्रवाई

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आजमगढ़। 2010 के बाद परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति पाए सहायक अध्यापकों की जांच के लिए शासन ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर रखी है। टीम में एसपी सिटी के साथ ही एडी बेसिक शामिल है। अब तक हुई जांच में 18 शिक्षक फर्जी चिह्नित किए गए हैं। उन्हें नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण लेनेे के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होगी।
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वर्ष 2010 से अब तक जिले में चार हजार से अधिक शिक्षकों की तैनाती हुई है। शासन ने इन सभी शिक्षकों के जांच का निर्देश दिया है। शासन के निर्देश पर ही एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में जांच टीम गठित हुई है। जांच टीम ने नियुक्ति प्राधिकारी बेसिक शिक्षाधिकारी के यहां से सभी नियुक्त शिक्षकों का डाटा एडी बेसिक कार्यालय पर मंगा लिया है। यहां से शिक्षकों का डाटा संबंधित स्कूल, विश्वविद्यालय व संस्थाओं पर भेज कर उसका सत्यापन कराया जा रहा है। अब पूर्ण हो चुके सत्यापन में डेढ़ दर्जन भर फर्जी शिक्षक चिन्हित किए जा चुके हैं।
जांच में सही मिला एक शिक्षक
जांच कमेटी द्वारा कराए जा रहे सत्यापन में एक शिक्षक सुदर्शन राम को भी फर्जी चिन्हित कर लिया गया था। लेकिन पुन: हुई जांच में वह सही पाया गया। उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र राजकीय इंटर कॉलेज के थे और गलती से सत्यापन के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पर भेज दिये गये थे। जहां से उक्त अनुक्रमांक का न होना बताया गया। जिसके आधार पर सुदर्शन को फर्जी चिन्हित किया गया था। बाद में जीआईसी से सत्यापन होने पर वह सहीं पाया गया।
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वाहक भेज कर सत्यापन कराने का निर्णय
जांच कमेटी की 19 जून को हुई बैठक में निर्णय हुआ है कि 2010 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों के समस्त शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों का सत्यापन वाहक भेज कर कराया जाये। इसमें संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी व डॉ. भीम राव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा का सत्यापन पहले कराया जाये।
बीएसए को डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश
कमेटी की बैठक में बीएसए को निर्देशित किया गया है कि 2010 के बाद नियुक्त शिक्षकों में से कुल कितने शिक्षक ऐसे है जो अपना नियुक्ति पत्र कार्यालय से प्राप्त किये और कितने शिक्षकों को पंजीकृत डाक के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिया गया। इसका डाटा वर्षवार तैयार कर 30 जून तक उपलब्ध कराने का बीएसए को निर्देश दिया गया है।
फिलहाल 18 शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों में हेराफेरी प्रकाश में आयी है। इन शिक्षकों को नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद बर्खास्तगी व वसूली की कार्रवाई शुरू की जायेगी। -नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन, आजमगढ़।
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