मिलावट की शिकायत पर पेट्रोल पंप की जांच
पेट्रोल पंपों मालिकों द्वारा तेल में की जाने वाली मिलावट पर रोक नहीं लग पा रहा है। ऐसे ही एक मामले में शिक्षिका की शिकायत पर गुरुवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलापूर्ति अधिकारी ने छतवारा मोड़ के पास स्थित एक पेट्रोल पंप की जांच की। पंप पर तेल की सेंपलिंग कराई।
गाजीपुर के जंगीपुर थाना क्षेत्र के मानपुर टिकरी निवासिनी शिक्षिका और उप्र उपभोक्ता कल्याण परिषद की अध्यक्ष पद्मा तिवारी ने 30 अगस्त को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह शिवकुमार शास्त्री इंटर कॉलेज जंगीपुर में अध्यापिका है। 29 अगस्त को शाम लगभग साढ़े पांच बजे अपनी डीजल कार लेकर आजमगढ़ आई हुई थी। उन्होंने सिधारी और छतवारा के बीच स्थित पेट्रोल पंप पर गाड़ी में 35 लीटर डीजल भरवाया।
डीजल भरवाकर जब वह आगे बढ़ी तो कुछ दूरी जाने के बाद उनकी कार बंद हो गई। गाड़ी स्टार्ट और बंद होते हुए किसी तरह से गाजीपुर पहुंची। इसके बाद उन्होंने वाराणसी स्थित कार एजेंसी मालिक से संपर्क किया। उनके बुलाने पर वह टोचन करके कार को लेकर एजेंसी पहुंची। कार की जांच में उसकी टंकी से डीजल की जगह मिट्टी का तेल निकला। कंपनी के विशेषज्ञों ने तेल को निकालकर गैलन में भरा है।
इस कार्य में उनके 10 हजार रुपये खर्च हुए। उन्होंने जिलाधिकारी से पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने जिलापूर्ति अधिकारी गौरी शुक्ल को मामले की जांच का निर्देश दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलापूर्ति अधिकारी गुरुवार को शिकायतकर्ता महिला के साथ पंप पर पहुंचे और सेंपलिंग कराई।