देवारांचल की तबाही का सबब बनी घाघरा का जलस्तर गुरुवार को भी स्थिर रहा। जलस्तर स्थिर देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन तेजी से हो रही कटान ने उनका सुकून छीन लिया है। संपर्क मार्गों पर चढ़े पानी के कारण प्रशासन द्वारा नाव लगाई गई हैं। नावों की संख्या कम होने के कारण लोग ओवरलोड नावों में सफर करने को मजबूर हैं।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा का जलस्तर गुरुवार को भी स्थिर रहा।
नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी तो नहीं हुई लेकिन कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से मुराली का पुरवा को काटती जा रही है। इसे देख देवाराखास राजा के मुराली का पूरा के लोग पलायन करने को विवश हैं। क्षेत्र के 15 गांवों के संपर्क मार्गों पर लगा बाढ़ का पानी अभी नहीं हटा है। चक्की गांव पूरी तरह से चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों के आवागमन के लिए सात नावें लगाई हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं।
स्कूली बच्चे और ग्रामीण ओवरलोड नावों में सफर करने को विवश है। वहीं ग्रामीणों के सामने अपने पशुओं के चार की व्यवस्था करना भारी पड़ रहा है। गहरे पानी घुसकर चारे की कटाई की जा रही है। घाघरा का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर गुरुवार की शाम चार बजे 72.02 मीटर और डिघिया गेज पर 71.14 मीटर दर्ज किया गया। जो दोनों स्थानों पर खतरा बिंदू से ऊपर है।