नगर कोतवाली के सामने स्थित शहर सुरक्षा बांध पर लगाई गई इंटरलाकिंग के उखड़ने के मामले 'अमर उजाला' में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस कार्य में जो शासकीय खर्च आएगा, उसकी वसूली संबंधित अधिकारी से की जाएगी।
बताते चलें कि विगत दिनों नगरपालिका की ओर से 17 लाख रुपये की निविदा आमंत्रित कर शहर सुरक्षा बांध पर इंटरलाकिंग का कार्य कराया जा रहा था। जैसे ही इस बांध की सुरक्षा को लेकर खबर का प्रकाशन 'अमर उजाला' में हुआ। बाढ़ खंड हरकत में आया और नोटिस जारी कर बिना अनुमति के कराए जा रहे कार्य पर रोक लगाने को कहा। इस पर कुछ दूर तक होने के बाद कार्य रुक गया। इस बीच नगरपालिका अभी बाढ़खंड से बात कर इस विवाद को सुलझाने में जुटी थी तभी 14 अक्टूबर की रात किसी ने जेसीबी मशीन ने इंटर लाकिंग को तोड़ दिया।
सबसे मजे की बात तो यह रही कि सड़क का चौड़ीकरण कराने वाले पीडब्ल्यूडी और बंधे पर इंटरलाकिंग लगवाने वाली नगरपालिका को भी यह पता नहीं चला कि इस कार्य को किसने किया। तब 'अमर उजाला' ने इस खबर को '18 अक्टूबर' के अंक में 'पालिका को पता नहीं उखड़ गई इंटरलाकिंग' शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया।
खबर का प्रकाशन होते ही जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने खबर को संज्ञान में लिया। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी और पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड पांच के अधिशासी अभियंता के खिलाफ जांच का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और निर्माण पर जो भी खर्च आया है उसकी वसूली संबंधित अधिकारी से की जाएगी।