आजमगढ़। गैंगेस्टर ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह पर धीरे-धीरे कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। डीएम की ओर से कुंटू सिंह के पटीदार उमेश सिंह पुत्र रामवृक्ष सिंह की संपत्ति को कुर्क करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने तहसीलदार सगड़ी और जीयनपुर कोतवाली प्रभारी को कुर्की कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उमेश सिंह पर आरोप है कि गैंगेस्टर कुंटू सिंह के प्रभाव का इस्तेमाल कर उनके द्वारा गैस एजेंसी का लाइसेंस लिया। गैस एजेंसी का भवन और गोदाम गाटा संख्या-919/0.812 हेक्टेयर में से 0.091 हेक्टेयर भूमि पर स्थित है। जिसके उत्तर पक्की सड़क, दक्षिण चक उमेश, पूरब व पश्चिम चक राजेश का है। गोदाम की कीमत पीडब्ल्यूडी द्वारा आठ लाख नौ हजार रुपये आंकी गई है। मामले की विवेचना में प्रसाशन ने पाया कि कुंटू सिंह ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आपराधिक कृत्यों द्वारा अनुचित ढ़ंग से अर्जित संपत्ति से इस गैस एजेंसी के भवन व लाइसेंस को लिया गया था। डीएम विशाल भारद्वाज ने धारा-14 (1) उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम 1986 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कुंटू सिंह के पटीदार उमेश सिंह पुत्र रामवृक्ष सिंह व अंकिता सिंह पत्नी उमेश सिंह के नाम संयुक्त रूप से बनाई गई संपत्ति को एक सप्ताह के भीतर कुर्क करने का निर्देश दिया है।