कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा डीएम ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकता वाले आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण किया जाए।
किसी भी शिकायत को डिफॉल्टर श्रेणी में जाने से रोकने के साथ ही निस्तारण में लापरवाही पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी। समीक्षा के दौरान विद्यालयों में विद्युत संयोजन की पेंडेंसी, स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को हटाने में लापरवाही और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता का मामला सामने आया।
बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर एक्सईएन हाइडिल विद्युत के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया।
तहसीलदार लालगंज और उप कृषि निदेशक द्वारा शिकायतकर्ताओं से पर्याप्त संख्या में संपर्क नहीं किए जाने पर डीएम ने दोनों से स्पष्टीकरण लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान कराएं।
जिन गांवों से अधिक शिकायतें या असंतुष्ट फीडबैक मिल रहे हैं, वहां अधिकारी स्वयं पहुंचकर लोगों से बातचीत करें। डीएम ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सीडीओ राकेश कुमार पटेल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिंह, एडीएम गंभीर सिंह, डीडीओ संजय कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।