आजमगढ़। डीएम ने अपने विशेष स्क्वायड से प्राइवेट अस्पतालों की जांच कराई तो वहां कोरोना से बचाव तो छोड़िए व्यवस्थाएं तक ठीक नहीं मिली। यहां तक कि मरीज को खाना देने से पहले उसके हाथ भी नहीं धुलवाए जा रहे थे। इस पर जिलाधिकारी आईएमए की बैठक बुलाकर चिकित्सकों को अपना घर सुधारने की नसीहत देने के साथ ही कोरोना से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था करने और मरीजों तथा तीमारदारों को भी इस बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। कहा कि मरीज और तीमारदार की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसके लिए इसे गंभीरता से लें। जागरूकता कंपेन चलाएं। यदि कोरोना से संबंधित मरीज आते हैं तो उनकी पूरी सामाजिक जानकारी लें और इसके बारे में सीएमओ को बताएं। जिलाधिकारी ने कहा कि 687 मरीज बाहर से आए हैं। इसमें कुछ मुंबई और दिल्ली से भी है। प्राइवेट चिकित्सकों को भी मरीजों को जागरूक करने और लक्षण दिखने पर सूचना देने के निर्देश दिए। सभी एसडीएम चिकित्सकों से बात कर उनसे अपील करेंगे। डीएम की ओर से प्राइवेट चिकित्सकों को अपेडमिक एक्ट को लेकर दिशा-निर्देश संबंध पत्र भी जारी किया गया है। इसके अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।