आजमगढ़। प्रेरणा एप को लेकर शिक्षकों का विरोध जिले में जारी है। पांच सितंबर से प्रदेश में इसकी शुरूआत हो चुकी है लेकिन कोई भी शिक्षक अब तक इस एप का प्रयोग जिले में नहीं शुरू किया है। शिक्षकों को मनाने के लिए बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को बीआरसी पल्हनी सभागार में शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ बैठक आहुत की लेकिन शिक्षकों ने इस एप से अपनी नीजता भंग होने की बात कहते हुए इसके इस्तेमाल से इंकार कर दिया।
सात सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेरणा एप की लखनऊ से शुरूआत किया था। इस एप के माध्यम से शिक्षकों पर नकले कसने की तैयारी थी। सुबह विद्यालय खुलने से लेकर बंद होने तक तीन बाद शिक्षकों को सेल्फी के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी थी तो वहीं एमडीएम में क्या बना है और कितने बच्चों का बना है, इसे भी दर्शाना था। एप के खिलाफ जिले में शुरू से ही शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने 11 सितंबर को सभी बीएसए की बैठक बुलाई। जिसमें बीएसए को यह निर्देश दिया गया कि वे प्रेरणा एप के बारे में शिक्षक प्रतिनिधियों से वार्ता करें और उन्हें एप का इस्तेमाल शुरू करने के लिए राजी करें। इसी के क्रम में बीएसए ने शनिवार को बीआरसी पल्हनी सभागार में शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। जिसमें शिक्षक प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि इस एप के इस्तेमाल से हमारी गोपनीयता भंग होगी, जिसके चलते इस एप का इस्तेमाल हम नहीं करेंगे। वहीं बीएसए ने शिक्षक प्रतिनिधियों को यह भी बताया कि इस एप के माध्यम से उन्हें उपस्थित नहीं भेजनी है। सिर्फ विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत हुए कार्यो आदि की ही रिपोर्ट भेजनी है। इसके बाद भी शिक्षक प्रतिनिधियों द्वारा एप का इस्तेमाल न किये जाने बात कहने पर यह वार्ता पूरी तरह से विफल साबित हुई। बैठक में अनीता साइलेस, सुरेंद्र सिंह, जितेंद्र राय, उमाशंकर सिंह, अमित राय, अतुल सिंह, अनिल सिंह, शिव प्रकाश, मनोज त्रिपाठी, राकेश मणि त्रिपाठी, दिनेश चंद्र पांडेय, उमाशंकर, वंशबहादुर आदि मौजूद रहे।