22 कलेक्ट्रेट पर मंत्री का पुतला फूंकते एबीवीपी के कार्यकर्ता। संवाद
अंबारी। देश की कर व्यवस्था में सुधार की दिशा में जीएसटी दरों में हालिया बदलाव आम जनता और व्यापारियों दोनों के लिए सुखद संदेश लेकर आए हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के दो स्लैब से उपभोक्ता, व्यापारी सभी को राहत मिलेगी। महंगाई भी कम होगी। वहीं व्यापारियों को भी इसको सरल तरीके से समझने और लागू करने में सहयोगी मिलेगा। जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्रालय ने जीएसटी की दरों में कटौती का बड़ा निर्णय लिया है। काउंसिल के इस फैसले का हर वर्ग ने स्वागत किया है। नई दरें इसी महीने से लागू होंगी।
काउंसिल ने जीएसटी संरचना को सरल बनाते हुए अब सिर्फ दो मुख्य स्लैब 5 और 18 प्रतिशत रखे हैं। सरकार ने पनीर, छेना, दुर्लभ दवाएं, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। मेडिकल क्षेत्र में भी राहत दी गई है। कई उपकरणों पर टैक्स को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं मैप, चार्ट, ग्लोब, एक्सरसाइज और नोटबुक जैसी शैक्षिक सामग्रियों को पूरी तरह जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है। कृषि क्षेत्र को भी राहत मिली है। अब ट्रैक्टर टायर और उपकरणों पर जीएसटी 18 की जगह 5 प्रतिशत होगा। काउंसिल के इस कदम से जहां आम जनता को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं व्यापारियों का मानना है कि इससे बाजार में रौनक लौटेगी और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।