जिले के 18 ब्लॉकों में रविवार को नोकझोंक और गहमागहमी के बीच ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव संपन्न हुआ। देर शाम मतगणना के बाद आए परिणाम में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशियों में सिर्फ छह ने जीत हासिल किया। वहीं निर्दल प्रत्याशियों के खाते में नौ सीटें आईं। वही तीन सीट भाजपा और बसपा समर्थित उम्मीदवारों की झोली में गई।
जनपद के 18 ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में भारी उलटफेर देखने को मिली। मतदान के बाद हुई मतगणना में सपा समर्थित छह प्रत्याशी महराजगंज से रूदल सोनकर, मुहम्मदपुर से फाजिल शेख, कोयलसा से कुमारी यादव, हरैया से भोलवा देवी, अहरौला से राजेश्वर, रानी की सराय से रूख्साना बानो ने जीत हासिल किया।
वहीं भाजपा समर्थित दो प्रत्याशियों ने पवई से सुरजी देवी और फूलपुर से अर्चना यादव को जीत मिली। वहीं बहुजन समाज पार्टी समर्थित एक प्रत्याशी मिर्जापुर से बलवंत यादव ने जीत दर्ज कराया। निर्दलियों की खाते में सठियांव से श्वेता, मार्टीनगंज से सौरभ सिंह, जहानागंज से संजय यादव, लालगंज से आकांक्षा सिंह, ठेकमा से भूपेंद्र सिंह मुन्ना, तहबरपुर से विनीता यादव, अजमतगढ़ से वंदना सिंह, पल्हना से श्यामदेव राजभर, तरवां से आभा यादव को मिलाकर कुल नौ सीटें आईं।
अगर देखें तो सत्तारूढ़ दल होने के बाद भी सपा को चार निर्विरोध के साथ 22 ब्लाकों में कुल 10 सीटें ही प्राप्त हुई। वहीं अगर निर्विरोध निर्वाचन को छोड़ दिया जाए तो निर्दलीय उम्मीदवारों की बल्ले-बल्ले रही। मतदान के बाद हुई मतगणना में सबसे ज्यादा सीटें निर्दलीयों के खाते में गई।