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ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही योग दिवस की धूम

Mon, 22 Jun 2015 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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आजमगढ़। रविवार को विश्व योग दिवस मनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी उत्साहित दिखे। योग का अभ्यास करने के लिए लोगों का हुजूम सुबह से ही निर्धारित स्थलों पर उमड़ने लगा था।
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तहबरपुर प्रतिनिधि के अनुसार विश्व योग दिवस पर रविवार को उ. मा. विद्यालय बीबीपुर कदीम में सूर्य नमन के साथ ही योग का शुभारंभ हुआ। लव कुमार राय ने लोगों को योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया।  लालगंज : प्राइमरी पाठशाला लालगंज में आयोजित शिविर में प्रशिक्षक बृजेंद्र मौर्य और रवींद्र नाथ मौर्य ने लोगों को योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा लोगों को इसके फायदे बताए। गोरिया बाजार: पटवध सरैया बाजार स्थित शिव मंदिर परिसर में आस पास के गांवों के सैकड़ों लोगों ने योग शिक्षक राजकुमार जैसवार के नेतृत्व में योग और प्राणायाम का अभ्यास किया।  अहरौला: आदर्श देवकली बाबा स्मारक महाविद्यालय में योग शिविर का आयोजन पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डा. हसीन खां के निर्देशन में हुआ । इसमें लोगों ने योगासनों का अभ्यास किया। अतरौलिया: आर्य समाज मंदिर अतरौलिया में आयोजित शिविर में क्षेत्र के लोगों बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। योग प्रशिक्षक शंभू दयाल गुप्ता ने योग और प्राणायाम की जानकारी दी।  मेजवां: फूलपुर स्थित रामलीला मैदान में पतंजलि योग समिति के योग शिविर में लोगों को भद्रासन, भुजंगासन, कपालभाती, वाह्य प्राणायाम, अनुलोम-विलोम आदि आसनों का अभ्यास योगाचार्य जगन्नाथ पांडेय और उनके सहयोगी आदर्श मोदनवाल द्वारा कराया गया।  मार्टीनगंज : बाजार के रामलीला मैदान में योग प्रशिक्षक विनीत जायसवाल के नेतृत्व सैकड़ों लोगों को योगाभ्यास कराया गया। योग गुरु द्वारा लोगों को योग से होने वाले फायदों से अवगत कराया गया।

मुस्लिम बंधु भी हुए शामिल
बोले, योग को धर्म से जोडना गलत
फोटो- 08
आजमगढ़। विश्व योग दिवस पर रविवार को पूरे जनपद में कुल 61 स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय योग शिविरों का आयोजन किया गया। इसमें हजारों लोगों ने योग और प्राणायाम का अभ्यास किया। धर्म और राजनीति से ऊपर  इन शिविरों में मुस्लिम बंधु भी शामिल हुए। भाग लेने वाले लोगों ने कहा कि योग से तन-मन स्वस्थ रहता है लेकिन इसे किसी धर्म से जोड़ना गलत है।
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दवा व्यवसायी मोहम्मद मोअज्जम ने कहा कि योग का दिन ही गलत ही रखा गया है। इसे रमजान माह में नहीं रखना चाहिए था। क्योंकि रमजान माह में तरावीह के जरिए ही हम खुद एक माह तक बेहतर व्यायाम कर लेते हैं। पांचों वक्त की नमाज से भी यह सभी चीजें हमें प्राप्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि योग किसी धर्म या संप्रदाय से नहीं लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है इसलिए इसका विरोध गलत है। जूता व्यवसायी शाहिद कमर ने कहा कि हमारे धर्म में पांच वक्त की नमाज ही हमारी सबसे बड़ी कसरत है। योग को धर्म से जोड़ना ठीक नहीं है। भारत रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद अफजल ने कहा कि योग का किसी धर्म से कोई संबंध नहीं है। बल्कि योग करने से सभी स्वस्थ रह सकते हैं। सूर्य नमस्कार योग का नाम है जो सूर्य निकलने के बाद करते हैं। इसकी किरणों से मिलने वाली विटामिन बी भी हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आज योग शिविर में हिस्सा भी लिया।
मालटारी संवाददाता के अनुसार जीयनपुर स्थित श्रीराम लीला मैदान में रविवार को सैकड़ों लोगों ने सामूहिक रुप से योगाभ्यास किया ।योग प्रशिक्षक डा. नरेंद्र मिश्रा ने योगाभ्यास कराने के साथ-साथ प्रत्येक आसनों के लाभ के बारे में लोगों को बताया। शिवदान चौरसिया ने अभियान गीत, भजन आदि प्रस्तुत किया।ठेकमा संवादता के अनुसार लोहिया पीजी कालेज बेलवाना में संजय राय के नेतृत्व में योग शिविर का आयोजन किया गया। सराय मोहन में पवन राय के नेतृत्व में और प्राथमिक पाठशाला परसौली में ग्राम प्रधान ने योग शिविर का आयोजन कराया। ठेकमा बाजार में पतंजलि योग समिति ठेकमा ने दो सौ लोगों को विभिन्न प्रकार के योग का योगाभ्यास कराया।
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