पीएमश्री योजना के तहत चयनित परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन अब केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। बच्चों को साल में दो बार समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) दिया जाएगा। इसमें पढ़ाई के प्रदर्शन के साथ व्यवहार, जीवन कौशल, रुचियों, कला, उपस्थिति और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होगी।
जिले में कुल 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 44 पीएमश्री स्कूल शामिल हैं। समग्र प्रगति पत्र तैयार करने में प्रति विद्यार्थी 20 रुपये खर्च होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एनसीईआरटी की ओर से इसका संशोधित प्रारूप विकसित किया गया है।
इसमें विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, शैक्षिक उपलब्धियों और शिक्षक की टिप्पणी के लिए अलग स्थान होगा। साथ ही अभिभावक भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकेंगे।
बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि समग्र प्रगति पत्र के माध्यम से शिक्षक और अभिभावक बच्चों की क्षमताओं, रुचियों और सीखने में आ रही कठिनाइयों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। इससे विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार शैक्षिक सहयोग देने और उनके सर्वांगीण विकास का आकलन करने में मदद मिलेगी।