आजमगढ़ जिले में दहेज में नकदी व जेवरात न मिलने पर एक युवक द्वारा तीन दिन पहले ससुराल आकर पत्नी को तीन तलाक दे देने का मामला रविवार को प्रकाश में आया। पीड़िता ने इस बाबत जीयनपुर कोतवाली में पति के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
जीयनपुर कस्बे के नौशहरा मुहल्ला निवासी खुुर्शीदा पुत्री रहमतुल्लाह का विवाद सात जून 2019 को जौनपुर जिले के खेतासराय थाना अंतर्गत शाहगढ़ गोसड़ी गांव निवासी युवक अफरोज पुत्र अरशद से हुआ था। यह शादी प्रेम विवाह थी। जिसके चलते दहेज में अफरोज को कुछ नहीं मिला था। शादी के बाद खुर्शीदा ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि उसके पति को मिर्गी की बीमारी है।
वहीं शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये व 50 हजार के जेवरात की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। एक माह पूर्व खुर्शीदा की मां उससे मिलने के लिए उसकी ससुराल आई, जहां ससुराल वालों ने सादे स्टांप पर उसके व उसके मां के हस्ताक्षर करा लिए।
इसके बाद उसे मां के साथ मायके भेज दिया। ससुराल से निकाले जाने के बाद वह मायके में ही रह रही थी। तीन दिन पूर्व पति अफरोज पत्नी खुर्शीदा से मिलने पहुंचा और एक बार फिर अपनी मांग दोहराई। जिसके पूरा न होने पर तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कह कर चला गया। पति द्वारा तीन तलाक देने के बाद विवाहिता ने जीयनपुर कोतवाली में पहुंच कर पति के खिलाफ तहरीर दी।
कोतवाल गजानंद चौबे ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर पति के खिलाफ मुकदमा संबंधित धाराओं में पंजीकृत कर लिया गया है।