महराजगंज थाना क्षेत्र के परशुरामपुर बाजार में शनिवार की रात उस समय भगदड़ मच गई, जब एक ट्रक को पार कराने के लिए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। पुलिस की लाठियों से और भागते समय गिरने से 14 लोग घायल हो गए। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। लाठी भांजने से भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। तीन दुर्गा प्रतिमाओं को रोककर लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। दूसरे दिन रविवार को एसडीएम सगड़ी और सीओ बूढनपुर मौके पर पहुंचे। दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रतिमा विसर्जन करने के लिए लोगों को राजी किया। दोपहर बाद प्रतिमाएं विसर्जित हुईं।
महराजगंज थाने के परशुरामपुर बाजार में शुक्रवार को मेला था। शनिवार की रात करीब नौ बजे तीन दुर्गा पूजा कमेटियों के लोग नाचते-गाते प्रतिमाएं विसर्जित करने जा रहे थे। तभी बिलरियागंज की तरफ से एक ट्रक आ गया। पास न मिलने ट्रक चालक हार्न बजाने लगा। ट्रक चालक और पूजा समितियों के लोगों में तकझक हुई। पुलिसकर्मियों ने ट्रक को पास कराने का प्रयास किया लेकिन मूर्ति विसर्जक नहीं हटे तो पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। इससे भगदड़ मच गई।
इस दौरान लाठियां लगने और भागने समय गिरने से महिलाएं और बच्चे समेत 14 लोग घायल हो गए। एक के पैर की हड्डी टूट गई। घायलों में दिनेश यादव, दीपक गोंड, लालता देवी, बेइला देवी, कमला देवी, अनूप, अर्चना, सरोज, वीरेंद्र, दिनेश चौरसिया, अखिलेश शुक्ला, लालबहादुर, पवन सिंह और अशोक मोदनवाल शामिल हैं। दिनेश का पैर टूट गया है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि जिस ट्रक को पुलिस पास दिलाना चाहती थी उस पर पशु लदे हुए थे। जुलूस में शामिल लोगों ने मूर्तियां सड़क पर छोड़ चले गए।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर तक दौड़ाकर पीटा। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रतिमाओं को बीच सड़क पर ही छोड़ दिया। रविवार की सुबह एसडीएम सगड़ी और सीओ बूढ़नपुर मौके पर पहुंचे। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। रविवार दोपहर 12 बजे के बाद तीनों प्रतिमाएं विर्सजित की गईं। मेला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान परशुरामपुर राजकुमार और एक बीडीसी सदस्य ने पुलिसकर्मियों ने केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।