आजमगढ़ । सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जनपद में इंटीग्रेटेड सिस्टम शुरू कर दिया गया है। आईआरएडी एप (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस) 20 फरवरी से काम कर रहा है। इसके तहत जिले में सड़क दुर्घटनाओं की ऑनलाइन एंट्री शुरू हो चुकी है। आईआरएडी एप्लीकेशन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता चले। साथ ही इसके पूरी तरह से लागू होने पर नजदीकी अस्पताल और एंबुलेंस तक तत्काल सूचना पहुंचाई जा सकेगी।
एसपी यातायात सुधीर कुमार जायसवाल ने कहा कि आईआरएडी के उपयोग से पुलिस, ट्रांसपोर्ट, हाईवे और चिकित्सा विभाग को काफी मदद मिलेगी। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रजनीश चंद्र श्रीवास्तव और रोल आउट मेनेजर मो. एजाज अख्तर ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आईआईटी मद्रास के सहयोग से एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसमें पुलिस मोबाइल एप पर दुर्घटना एवं दुर्घटना स्थल का विवरण दर्ज करेगी। घटना में प्रभावित व्यक्ति का नाम, उम्र, पता, वाहन नंबर, लाइसेंस नंबर, स्थान, दुर्घटना को संभावित कारण, वीडियो आदि अपलोड करेंगे। इन सब जानकारियों से हादसों की वजह का पता लगाकर उनमें कमी लाई जा सकेगी।
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ऐसे काम करेगा सिस्टम
आमगढ़। दुर्घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचने के बाद मोबाइल से फोटो, वीडियो अपलोड करेंगे। सड़क पर चल रहे वाहनों की जानकारी भी एप पर उपलब्ध रहेगी। वाहन का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर एप पर फीड करना होगा। एप पर वाहन से जुड़ी जानकारी मिल जाएगी। जानकारी फीड करते समय एक लिंक के जरिए नजदीकी अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्य अधिकारी, एंबुलेंस, आरटीओ और पुलिस अफसरों के पास दुर्घटना की जानकारी तत्काल पहुंच जाएगी। इससे घायलों का समय पर उपचार हो सकेगा।