विकास प्राधिकरण का बुलडोजर शनिवार को हरित पट्टिका क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मकानों पर चला। इस दौरान भारी भीड़ वहां जुट गई। एहतियातन भारी संख्या में पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। शुक्रवार को रूपाली बिल्डर के कार्यालय की जांच पड़ताल के बाद शनिवार को अवैध बिल्ड़िग पर हुई कार्रवाई से लोगों में दहशत है।
आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की सचिव ऋतु सुहास शनिवार सुबह टीम के साथ बिजौरा स्थित प्लाटिंग क्षेत्र में पहुंची। उन्होंने बिल्डर के कागजात की जांच के बाद चालक को अवैध रूप से बिल्डिंग ढहाने के निर्देश दिए। वहीं बगल में ही चार मंजिला बिल्डिंग का निर्माण होते देख सचिव ने जेई को भेजकर मकान का निर्माण करा रहे चिकित्सक को बुलवाया।
चिकित्सक तो नहीं पहुंचे लेकिन उनके स्थान पर पहुंचे उनके आदमी को देख वह भड़क गईं। उन्होंने कहा कि अभी इस बिंल्डिंग के लिए 20 हजार रुपये का जुर्माना भरा है फिर भी निर्माण जारी रखा है। उन्होंने बुलडोजर से भवन के कुछ हिस्से को गिराने का निर्देश दिया।
सचिव ने बताया कि यह मकान प्रभारी एडी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डाक्टर निरंकार सिंह की बताई गई है। एक प्लाट पर भवन निर्माण करा रही महिला नीतू राय से जमीन खरीदने वाले बिल्डर का नाम पूछा। सचिव के पूछने पर महिला ने बिल्डर का नाम रूपाली बिल्डर बताया मगर वह कागजात नहीं दिखा सकी।
डीडीसी ने बताया कि रूपाली बिल्डर द्वारा बिजौरा में लगभग 25 से 30 प्लाट काटे गए थे। जिनमे से कई पर निर्माण चल रहा है। वहीं बहुत से प्लाट को खरीदकर लोगों ने छोड़ रखा है। कहा कि वह सबको नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई करेंगी। यह भूमि हरित पट्टिका क्षेत्र में आती है जहां निर्माण अवैध है।