लोक निर्माण विभाग ने शहर की ज्यादातर सड़कों को नए सिरे से पिच तो कर दिया है लेकिन मानकों को दरकिनार कर। छोटी गिट्टी व तारकोल की सड़कों पर लेयर तो चढ़ाई गई लेकिन इस लेयर पर पत्थर का बुरादा नहीं डाला गया। ऐसे में सड़क बरसात में पानी तो सोखेगी और जल्द खराब भी हो जाएगी। उधर, मार्च माह बीत चुका है लेकिन अभी भी सड़कों का निर्माण आधा-अधूरा है। पीडब्लूडी निर्माण खंड दो ने आठ से दस दिनों पूर्व शहर के सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की कवायद शुरू कराई। छोटी गिट्टी व तारकोल को हाटमिक्स प्लांट से तैयार करा कर सड़क गड्ढा मुक्त की जाने लगी। एक लेयर चढ़ाने के बाद इन बनी सड़कों पर पत्थर के बुरादे की लेयर चढ़ायी जानी चाहिए, जिससे सड़कों की दरारों में पानी न जाए और वह खराब न होने पाएं। लेकिन ठेकेदारों ने सड़क पर सिर्फ एक लेयर चढ़ा कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। बुरादे की लेयर किसी भी सड़क पर नहीं चढ़ाई गई है। जिससे बरसात के दिनों में इन सड़कों के दरारों से पानी अंदर जाएगा और सड़कें एक बार फिर गड्ढों में बदलते देर नहीं लगेगी। इतना ही नहीं वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी शहर की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त नहीं किया जा सका है। पीडब्लूडी निर्माण खंड दो के एक्सईएन संकर्षण लाल ने बताया कि सभी सड़के हॉट मिक्स प्लांट से बनायी जा रही हैं। जो लेयर चढ़ाया गया है, उस पर बुरादे की लेयर चढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। ग्रामीण सड़कों पर बुरादे की लेयर चढ़ायी जाती है। जो सड़कें बन गई है, उस पर जल्द सफेद पट्टी आदि खींचने का कार्य कराया जाएगा।