शिया धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने कहा कि इल्म को मजबूती से पकड़ना चाहिए। कुरआन को जानने वाला कभी जुल्म और ज्यादती नहीं करता है। जहालत सारे फसादों की जड़ है।
मौलाना बुधवार को फूलपुर तहसील क्षेत्र के अंबारी गांव में मरहूम सैय्यद अमीर जाफर के चालीसवां की मजलिस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें एकता और सौहार्द की मिसाल बनानी होगी। मुसलमानों का कोई विवाद हो तो उसे कुरआन के पास जाना चाहिए, इससे समस्या का समाधान होगा।
उन्होंने कहा कि जब मां के पेट से बच्चा बाहर आए तो उसे इल्म के जेवर से नवाजें। चूंकि इल्म हर बच्चे का हक है। करबला का एहसान हर मुसलमानों पर है। करबला के मैदान में हुसैन के सामने जितनी मुसीबतें आईं, उतनी किसी को नहीं मिली। मजलिस से पूर्व मिनहाल आजमी, मेंहदी आजमी, मु. हारून और शमीम हैदर ने पेशख्वानी किया। निजामत सैय्यद जमीर अब्बास ने किया। अंत में सैय्यद आले मुर्तजा ने आभार जताया।