सगड़ी। कारगिल युद्ध में शहीद नत्थूपुर गांव के सैनिक रमेश यादव की बहनों के घर पहुंचाने की परंपरा इफ्तेखार आजमी पिछले 17 वर्षों से निभा रहे हैं। रविवार को भी मकर संक्रांति पर इफ्तेखार ने उनके गांव खिचड़ी देकर पहुंचे। उन्होंने शहीद की बहनों को लाई, चूड़ा, गट्टा आदि भेंट किया। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में नत्थूपुर गांव निवासी रमेश यादव शहीद हो गए थे। इकलौते पुत्र को खोने के गम में पिता सीताराम यादव के सारे सपने बिखर गए। चार वर्ष पहले उनकी भी मौत हो गई थी। रमेश की बड़ी बहन चंद्रकला और शशिकला को हर मौके पर भाई की कमी खलने लगी। नवोदय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अजमतगढ़ निवासी इफ्तेखार आजमी रमेश की बहनों के लिए भाई की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया। इसके बाद से वह रमेश की बहनों को हर वर्ष खिचड़ी पहुंचाते हैं। मजहब के बंधन को तोड़ इफ्तेखार के इस कदम को लोग सराह रहे हैं।