बरसात के मौसम में अस्पतालों में आई फ्लू यानि कंजेक्टिवाइटिस का प्रकोप फैल रहा है। अस्पताल में आने वाले आंख के मरीजों में लगभग 50 प्रतिशत मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में वायरल संक्रमण की वजह से आंखों में यह रोग फैल रहा है। इस मौसम में आंखों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
बरसात के चलते वातावरण में नमी बनी हुई है। इस मौसम का आंखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके चलते आई फ्लू यानि कंजेक्टिवाइटिस का प्रकोप फैल रहा है। अस्पतालों में आंखों के मरीजों की भीड़ लगी है। इनमें सबसे अधिक लगभग 50 प्रतिशत मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। बरसात के मौसम में आई फ्लू वायरल संक्रमण की वजह से हाेता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय अधिकतर आई फ्लू के मरीज आ रहे हैं। मंगलवार को दोपहर ओपीडी में कुल 130 मरीजों की आंखों की जांच की गई। इनमें करीब 50 से 60 मरीज आंखों के संक्रमण के थे। इस रोग से बचने के लिए लोगों को हाथों की साफ-सफाई व अन्य सावधानियां बरतने की जरूरत है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को चिकित्सक की सलाह से ही दवा लेनी चाहिए। इस रोग में साधारण एंटीबायोटिक डालें। स्टेेरॉयड दवा बिल्कुल न डाले।
आई फ्लू के लक्षण
आंखों का दर्द के साथ लाल होना, आंखों में पानी आन, तेज खारिश होना, धुंधला दिखाई देना, आंखों में जलन होना, पलकों के बाल चिपकना,
आंखों में कचरा होने जैसा महसूस देना।
आई फ्लू से इस प्रकार करें बचाव
आंखों को साफ पानी से धोएं, दिन में कई बार साबुन से हाथ साफ करें, आंखों पर बार-बार हाथों को न लगाएं, बाइक चलाएं तो हेलमेट या चश्मे का प्रयोग करें, ज्यादा देर मोबाइल और टीवी न देखें, चिकित्सक की सलाह के बिना आंखों में कोई दवा न डालें।