आजमगढ़। कोरोना संक्रमण के तेज फैलाव को देखते हुए जेल प्रशासन इस बार रक्षा बंधन पर बंदियों को सीधे बहनों के हाथ राखियां बधवाने पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन भाई-बहन के इस पर्व की महत्ता को देखते हुए जेल में बंद भाईयों के कलाईयों पर बहनों की राखियां बधवाने का विशेष इंतजाम किया है।
जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते जेल में बंद कैदियों के हाथों पर इस बार रक्षाबंधन के दिन बहने सीधे राखी नहीं बांध सकेंगी। ऐसा कोरोना संक्रमण के चलते किया जा रहा है। फिर भी रक्षाबंधन पर्व का अपना अलग महत्व है। जिसे देखते हुए बहनों की राखियां भाईयों की कलाईयों पर सज सके, इसके लिए जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किया है। बहनों को अपनी राखियां, अक्षत व रोरी के साथ एक लिफाफे में रख कर उस पर बंदी का नाम व पता के साथ ही अपन नाम पता लिख कर वेटिंग रुम में एक अगस्त की शाम तक जमा कर दे। यहां सभी राखियों के पैकेट को सैनिटाइज कराया जाएगा। इसके पश्चात रक्षाबंधन वाले दिन बहनों के पैकेट उनके जेल में बंद भाईयों तक पहुंचा दिया जाएगा। इस बार कोई भी बहन अपने हाथों से जेल परिसर में बंदी भाईयों के कलाई पर राखी नहीं बांध सकेगी। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए इस बार यह नई व्यवस्था जेल पर लागू की गई है।