जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक साइकिल स्टैंड पर पहुंचे और ठेकेदार को चेतावनी दी कि जितने रुपये का टेंडर है, उतना ही वसूल करो नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सालय परिसर स्थित उप्र कर्मचारी कल्याण निगम की मेडिकल हाल को भी देखा। जहां उन्होंने बिना तारीख और पक्की बिल के दवा देते हुए पकड़ा। इस पर उन्होंने उप्र कर्मचारी निगम को शिकायती पत्र लिखने के लिए कहा। दूकानदार को पक्की बिल न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
अस्पताल परिसर स्थित साइकिल स्टैंड में वाहन खड़ा करने पर ज्यादा पैसा लेने के विरोध में बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सीएमएस से वसूली को रोकने और सरकारी मेडिकल हाल पर पक्की बिल देने की मांग की। भाजयुमो जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ने एक रुपया चिकित्सा शुल्क निर्धारित किया है और दवा भी नि:शुल्क देने की व्यवस्था है। लेकिन मरीजों और उनके परिजनों से साइकिल, मोटरसाइकिल खड़ी करने का 10 रुपये और कार का 20 रुपये शुल्क वसूला जाता है, जो गैर कानूनी है।
उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. जीएल केशरवानी को साइकिल स्टैंड की पर्ची भी दिखाई। उनकी बातों को सुनने के बाद सीएमएस सख्त हुए। अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने और डॉक्टरों को समय पर उपस्थित रहने के लिए भी भाजयुमो द्वारा अधीक्षक से बातचीत की गई। इसके लिए उन्होंने एक हफ्ते का समय मांगा। इस मौके पर भाजयुमो विधि प्रकोष्ठ के संयोजक रजनीश श्रीवास्तव, अखंड प्रताप सिंह, विजय पांडेय, सुजीत, भाजयुमो नगर अध्यक्ष मयंक गुप्ता, गोपेश्वर सिंह, सुरेश कुमार सरोज, विपुल मिश्रा, धर्मवीर चौहान आदि उपस्थित थे।