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हज यात्रा के लिए मिले कनेक्टिविटी तो बने कुछ बात

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आजमगढ़। जिले से जल्द उड़ान की संभावना बलवती हो गई है। शुक्रवार को लखनऊ में एमओयू (समझौता पत्र) के आदान-प्रदान के बाद अब जल्द लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पूरी कर यहां से उड़ान की कवायद शुरू हो सकती है। उड़ान की जल्द संभावना के बीच अब बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर लोग आवाज बुलंद करने लगे है। लोगों का कहना है कि यदि हज यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिले तो निश्चित तौर पर आजमगढ़ से हवाई उड़ान का बेहतर लाभ मिलेगा।
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मंदुरी एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम उड़ान के तहत इस एयरपोर्ट को हवाईपट्टी से हवाई अड्डा में तब्दील कराया गया है। बाबतपुर वाराणसी एयरपोर्ट के माध्यम से इसका संचालन होगा। इस एयरपोर्ट को जल्द से जल्द शुरू किए जाने की कवायद जोरशोर से चल रही है। शुक्रवार को लखनऊ में एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों के संग मुख्यमंत्री ने बैठक किया और बैठक के दौरान एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। जल्द ही लाइसेंसिंग प्रक्रिया की शुरूआत हो जाएगी और लाइसेंस मिलते ही उड़ान की शुरुआत हो जाएगी। आजमगढ़ से उड़ान की शुरूआत होने का लाभ सिर्फ आजमगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी मिलेगा वहीं बाबतपुर हवाईअड्डा रूट का लोड भी कम होगा। खास तौर से हज यात्रा को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को इस एयरपोर्ट से काफी उम्मीदें है।
जिले से हज को जाने वालों की अच्छी खासी तादात
आजमगढ़। जिले से हज यात्रा पर प्रतिवर्ष मक्का-मदीना जाने वालो की अच्छी खासी तादात है। कोरोना के कारण वर्ष 2020 व 2021 में हज यात्रा हुई ही नहीं तो वहीं इस वर्ष सऊदी सरकार ने हज यात्रा को लेकर कड़े दिशा निर्देश जारी किए थे। जिसके तहत 65 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के हज यात्रा पर पाबंदी लगा दी गई है। जिसके चलते इस बार जिले से हज कमेटी के माध्यम से मात्र 125 लोग व प्राइवेट टूर के माध्यम से 50 लोग ही हज यात्रा पर गए है। वहीं कोरोना पूर्व की बात की जाए तो 2019 में जिले से लगभग 600 व 2018 में 626 लोग हज यात्रा पर गए थे।
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