क्षेत्र के दसमडा गांव स्थित इमाम बारगाह में सोमवार को मजलिस का आयोजन हुआ। इसमें मुजफ्फर नगर से आए मौलाना हुसैन हुसैनी ने कहा की इस्लाम मोहब्बत और अपने किरदार पर फैला हुआ है। इमाम हुसैन ने अपनी अजीम कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन के न कहने की वजह से आज हुसैनियत है। पूरी करबला की जंग न कहने पर ही हुई है। अगर इमाम हुसैन यजीद के सामने हां कर देते तो आज इस्लाम खत्म हो जाता। उन्होंने मां की ममता पर कहा कि मां हमेशा अपने बच्चो को दुआएं देती है। मौलाना ने जब जनाबे फातिमा के मसायब का जिक्र किया तो मौजूद अजादार रो पड़े। मजलिस से पूर्व जफर आजमी, दिलनवाज, आले हसन ने मौला की बारगाह में नजराने अकीदत पेश की। इस दौरान सैय्यद हादी हसन, फकरे आलम, मोहमद अब्बास, शमीम काजिम, दिलशाद, अहसान,आदि मौजूद थे।