आजमगढ़। दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जलाने के मामले में अदालत ने आरोपी पति को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और ग्यारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 1 अजय कुमार शाही ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, महुआरी थाना तरवा निवासी मोतीलाल की पुत्री सुधा की शादी वर्ष 2013 में सलेमपुर थाना देवगांव निवासी अंगद राजभर के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही अंगद दहेज में चार पहिया वाहन और एक लाख रुपये नकद की मांग को लेकर पत्नी पर अत्याचार करता था।
7 सितंबर 2015 को मोतीलाल को सूचना मिली कि उनकी पुत्री को ससुराल में जला दिया गया है। गंभीर रूप से झुलसी सुधा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 13 सितंबर को उसकी मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों को परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अंगद राजभर को दोषी ठहराते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।