आजमगढ़। विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने पति और ससुर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई। दोनों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। मंगलवार को यह फैसला अपर सत्र जज जैनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने सुनाया।मुकदमे के अनुसार थाना महाराजगंज के माल्हेपट्टी निवासी स्वामीनाथ की बेटी पूनम की शादी इसी थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी राम गोपाल के पुत्र राधेश्याम से 21 फरवरी 2002 को हुई थी। शादी के बाद पूनम जब ससुराल गई तो दहेज को लेकर उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। 12 फरवरी 2006 को स्वामीनाथ यादव को फोन से सूचना मिली की पूनम की मृत्यु हो गई है। मामले में महिला के पिता ने ससुराल वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। जांच के बाद पति राम गोपाल और ससुर राधेश्याम के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद पति राम गोपाल, ससुर राधेश्याम को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी करार दिया।