सगड़ी। भीख मांग कर अपना गुजारा करने वाली नगर पंचायत जीयनपुर के बाजार खास मुहल्ला निवासी अमिना खातून (60) की मुफलिसी और भूख से बुधवार को मौत हो गई।
जिंदा रहने पर राशन कार्ड और अन्य सरकारी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया, लेकिन मरने पर पहुंचकर तहसीलदार, निवर्तमान चेयरमैन आदि ने सहयोग से शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।
बताया जाता है कि अमिना खातून के पिता स्व. नेमीतुल्ला पहले यमन देश में परिवार सहित रहते थे। नेमीतुल्ला की मौत के बाद उनकी पत्नी अपने तीन बेटा और तीन बेटियों को लेकर नगर पंचायत जीयनपुर के बाजार खास मुहल्ले में आकर रहने लगी।
अमिना के मां, तीन भाई और एक बहन की पहले ही मौत हो चुकी है। अमिना अपनी छोटी बहन खदिजा (45) के साथ टूटे-फूटे मकान में रह रही थी। भीख मांगकर अपना और अपनी बहन का पेट भरती थी।
उसने कई बार प्रयास किया, लेकिन सरकारी मदद और राशन कार्ड आदि नहीं बन पाया। कार्ड के लिए डीएसओ आफिस में फार्म भी जमा है। अमीना और उसकी बहन का पालन-पोषण का सहारा भीख ही थी।
जो मिलता था, उससे अपना और छोटी बहन का पेट भरती थी। मुफलिसी और भूख से अमिना खातून की बुधवार को मौत हो गई। उसकी बहन खदिजा (45) अभी जीवित हैं। मौत के बाद पहुंचे निवर्तमान चेयरमैन फउरमुल्ली गुप्ता आदि ने सहयोग से शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।
बहन को अब अपने पेट की चिंता सता रही है। बहन की मौत के बाद शारीरिक रुप से बहुत कमजोर हो चुकी खदिजा का रो-रोकर हाल बेहाल है। तहसीलदार प्रेम कुमार राय भी मौके पर पहुंचे और खादिजा की आर्थिक मदद की। कहा कि अमीना को सरकारी मदद क्यों नहीं मिली और राशन कार्ड आदि क्यों नहीं बना, इसके बारे में ब्यौरा तलब किया गया है।