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नदी में फिर छोड़ा गया तीन लाख 40 हजार क्यूसेक पानी, बढ़ेगा घाघरा का जलस्तर

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रौनापार में बढ़ के पानी से धिरी नई बस्ती। - फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में सोमवार को स्थिरता देखने को मिली। सोमवार की शाम नदी के जलस्तर में बदरहुंआ पर एक सेमी की घटोत्तरी और डिघिया में एक सेमी की बढ़ोत्तरी देखने को मिली। वहीं मंगलवार से जलस्तर में बढ़ाव दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। क्योंकि नदी में तीन लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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रविवार की शाम डिघिया गेज पर नदी का जलस्तर 71.84 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार की शाम एक सेमी बढ़कर 71.85 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। वहीं बदरहुंआ गेज पर रविवार की शाम नदी का जलस्तर 72.69 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार को एक सेमी घटकर 72.68 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का खतरा 71.68 मीटर है। बाढ़ के पानी के कारण रौनापार बेलहिया ढ़ाला संपर्क मार्ग के बीच नई बस्ती में विशाल पीपल का पेड़ संपर्क मार्ग पर गिरा जिससे आवागमन बाधित हो गया। वहीं बाढ़ के कारण रौनापार नई बस्ती, जमुआरी, मानिकपुर, महुला हैदराबाद, शिवपुर, उदई, उल्टहवा, महादेवगंज आदि गांवों के लोग बंधे पर शरण ले रहे हैं। तहसील प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरण की जा रही है। तहसीलदार बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि 1000 से अधिक बाढ़ आपदा राहत पैकेट वितरण किया जा चुका है। मिट्टी का तेल लोगों को दिया गया है और 315 नाव लगाई गई हैं। घाघरा नदी के रौद्र रूप से महुला गढवल बांध के उत्तर 80 राजस्व गांव पूर्ण रूप से डूबे हुए हैं। तो वही बंधे के दक्षिण तरफ लगभग 50 गांव चारों तरफ से घिर गए हैं। इन गांव के संपर्क मार्ग डूब गए हैं ।फसल डूब गई है ।रौनापार से बेलहिया ढाला रौनापार से करखिया आदि संपर्क मार्ग जगह-जगह डूब गए हैं। बाढ़ खंड के जेई विजय जायसवाल ने बताया कि आज सुबह शारदा बैराज से 340000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। जिससे नदी के जलस्तर में मंगलवार को वृद्घि होगी। घाघरा नदी में पानी बढ़ने से देवरा वासी भयभीत हैं तो वही अब पानी घरों में जाने की चिंता सता रही है। अब लोग उसके बाद का ठिकाना तलाशने में लग गए हैं। घाघरा नदी अपने तटवर्ती क्षेत्र के गांव त्रिलोकी का पूरा ,साधु का पूरा, वासु का पूरा, भिमली का पूरा के पास कटान कर रही है । त्रिलोकी के पूरा में 12 लोगों का मकान अब तक घाघरा नदी काट चुकी है। साधु के पूरा के कुल 75 घर हैं जिसमें 22 घर घाघरा नदी के कटान के मुहाने पर है। भीमली का पूरा के 16 मकान घाघरा नदी के कटान के मुहाने पर है। बसु का पूरा में 15 मकान बधावा में 62 मकान कटान की जद में है। 50 मीटर की दूरी पर घाघरा नदी कटान कर रही है नदी के पानी में वृद्धि होने से धान, गन्ना, ज्वार और बाजरा की फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है। पशुओं के हरे चारे की समस्या हो गई है।
बेलहिया पुल का चौथा पावा भी धंसा, आवागमन बाधित
लाटघाट। बेलहिया पुल के चौथे पावे का आधा हिस्सा पानी के दबाव से धंस गया है। इस पुल से लगभग 20,000 की आबादी का आवागमन होता है । अभी हाल ही में एक पावा धंसा था और आज चौथा पावा भी धंस गया है । आवागमन बाधित हो गया है । राजमन यादव प्रधान ने बताया कि इसकी सूचना पहले भी अधिकारियों को दी जा चुकी है पर इसकी मरम्मत नहीं कराई गई नहीं तो यह हालत नहीं होती। अधिकारियों की उदासीनता के चलते और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते ग्रामीणों की दुर्दशा हो रही है।

बिंद्राबाजार के रामपुर आंदोई में मंगई नदी पर बना पुल डूब से कई गांव के संपर्क टूटे।- फोटो : AZAMGARH

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