एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला में जेएसआई संस्था के टेक्निकल मैनेजर संदीप श्रीवास्तव ने स्लाइड प्रस्तुति के माध्यम से एचपीवी वैक्सीन, उसके लाभ, टीकाकरण की प्रक्रिया तथा सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टीका भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन आर वर्मा ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार जनपद में 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन बालिकाओं का 14वां जन्मदिन पूरा हो चुका है और 15वां जन्मदिन अभी नहीं हुआ है, वे इस अभियान के अंतर्गत टीकाकरण के लिए पात्र होंगी। यह विशेष अभियान तीन माह तक संचालित किया जाएगा और इस दौरान टीका जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर उपलब्ध रहेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल अजीज ने बताया कि टीकाकरण सत्र सामान्यत : सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। टीकाकरण के बाद बालिका को कुछ समय तक निगरानी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण का विवरण यू-विन डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा तथा इसके लिए अभिभावक की सहमति और बालिका का आयु प्रमाण आवश्यक होगा। कार्यशाला में एसीएमओ (आरसीएच) डॉ. उमाशरण पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. अरविंद चौधरी, डॉ. अविनाश झा, डीपीएमयू से डीसीपीएम विपिन बिहारी पाठक, प्रभारी प्रचार-प्रसार मनीष तिवारी, यूनिसेफ के आरसी, डीएमसी यूनिसेफ गुफरान तथा यूएनडीपी से पूनम शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।