आजमगढ़। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और धूलभरी हवा अब टीबी मरीजों के लिए परेशानी बनती जा रही है। तेज धूप, गर्म हवाओं और उड़ती धूल का असर फेफड़ों पर पड़ रहा है। इससे टीबी मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में पिछले साल कुल 8300 टीबी मरीज चिह्नित थे। इस वर्ष जनवरी से अप्रैल तक करीब 3600 को चिह्नित किया गया है। मौसम बदलने के साथ अस्पतालों में टीबी और सांस संबंधी मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी है। पिछले कई दिनों से जिले में तापमान लगातार 40 से 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दोपहर में चल रहीं तेज गर्म हवाओं के साथ उड़ रही धूल और उमस भरी गर्मी के कारण सामान्य लोगों को भी परेशानी हो रही है, पर टीबी मरीजों पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
जिला टीबी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज सांस फूलने, सीने में जलन और तेज खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। पहले 30 से 40 मरीज आते थे। अब इनकी संख्या 50 से अधिक हो गई है। डॉक्टर के अनुसार, टीबी मरीजों को इस मौसम में नियमित दवा लेना बेहद जरूरी है। इलाज बीच में छोड़ने से बीमारी दोबारा गंभीर रूप ले सकती है। मरीजों को अधिक पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
टीबी मरीजों के फेफड़े पहले से कमजोर होते हैं। ऐसे में धूल और गर्म हवा संक्रमण और परेशानी को बढ़ा सकती है। लगातार धूल के संपर्क में रहने से मरीजों की स्थिति गंभीर भी हो सकती है। ऐसे मौसम में इन मरीजों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। -डॉ. बीके सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी।
डॉक्टरों की सलाह : क्या करें
- बाहर निकलते समय मास्क या कपड़ा जरूर लगाएं।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- समय पर टीबी की दवा अवश्य लेते रहें।
- पौष्टिक और हल्का भोजन करें।
- घर में साफ-सफाई और वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखें।
क्या नहीं करें
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा देर न रहें।
- दवा बीच में कत्तई बंद न करें।
- धूम्रपान और तंबाकू सेवन से बचें।
- खाली पेट लंबे समय तक न रहें।
- तेज गर्मी में अधिक शारीरिक मेहनत न करें।
- बाहर तेज धूप में निकलने से बचें।