आजमगढ़। होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन और राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज चंडेश्वर की ओर से रविवार को राहुल प्रेक्षागृह सिधारी में राष्ट्रीय होम्योपैथिक सेमिनार का शुभारंभ बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने किया। राज्यपाल ने कहा कि होमियोपैथ जैसी सस्ती पद्धति को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने होमियोपैथ चिकित्सा पद्धति को देश की चिकित्सा सेवा का सबसे महत्वपूर्ण अंग बताया। आश्वस्त किया कि होमियोपैथी के विकास के लिए जो भी हो सकेगा करेंगे।
सीसीएच के पूर्व अध्यक्ष अनिरुद्ध वर्मा ने कहा कि सरकार को चाहिए कि होमियोपैथी को राष्ट्रीय कार्यक्रमों का हिस्सा बनाए। महाराष्ट्र से आये डा. अरुण भास्मी ने कहा कि महाराष्ट्र में होमियोपैथी के 70 हजार चिकित्सक और 56 कालेज हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद होमियोपैथी के विकास के लिए पीएम मोदी ने अलग आयुष मंत्रालय का गठन किया लेकिन यह काफी नहीं है। हमाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. रामजी सिंह ने कहा कि यूपी के ज्यादातर चिकित्सक व शिक्षक संविदा पर है। बिहार सरकार ने निर्णय लिया है कि वहां संविदा चिकित्सक व शिक्षक लगातार बने रहेंगे। ऐसी व्यवस्था यूपी में नहीं है। आजमगढ़ में भी एमडी की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए। निदेशक एचएमआई कोलकाता डा. सुभाष सिंह ने कोलकता में 10 व 11 अप्रैल को होने वाले विश्व होम्योपैथिक दिवस पर सभी को आमंत्रित किया। निदेशक होम्योपैथिक उप्र डा. आनंद चतुर्वेदी ने कहा कि हमें राष्ट्र निर्माण के लिए होमियोपैथी की उपयोगिता पर विचार करने के साथ ही यह भी कोशिश करनी है कि देश को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. भक्तवत्सल ने आभार जताया। लखनऊ के डा. पंकज श्रीवास्तव ने अर्थराइटिस पर अपना शोध प्रस्तुत किया। सचिव एचएमएआई डा. संजय मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष सीसीएच डा. अरूण भास्मे, चेयरमैन होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड डा. बीएन सिंह, डा. वीबी सिंह आदि रहे। संचालन डा. प्रमोद गुप्ता ने किया।
विशेष योगदान देने वाले चिकित्सक सम्मानित
राज्यपाल फागू चौहान ने चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए डा. सुभाष सिंह निदेशक एनआईए बंगाल, डा. महेंद्र प्रताप सिंह, डा. हर्ष निगम को डा. डीपी रस्तोगी अवार्ड, डा. आनंद चतुर्वेदी को होमियोकर्मी कर्मयोगी अलंकरण, भोपाल की डा. रीना सिंह को नारी शक्ति सम्मान, डा. धर्मराज सिंह, डा. अशोक सिंह, डा. लालचंद राम को डा. महेंद्र प्रताप सिंह मेमोरियल अवार्ड और डा. पवन पारिक आगरा, डा.निशांत श्रीवास्तव लखनऊ, पंकज श्रीवास्तव को स्पीकर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
सेमिनार को सफल बनाने में डा. राजेश तिवारी, डा. प्रमोद गुप्ता, डा नेहा दुबे, डा. स्फूर्ति सिंह, डा. पूजा पांडेय, डा. नवीन दुबे, डा. देवेश कुमार दूबे, डा. रणधीर सिंह, डा.धर्मराज सिंह, डा.एके राम, डा. वी. पांडेय, डा. सीजे मौर्य, डा. राजीव आनन्द, डा. एके सिंह, डा. एसपी सिंह, डा. एस.के. राय, डा. राजीव आनन्द, डा. मनोज मिश्रा, डा. प्रभात, डा. अशोक सिंह, डा. अभिषेक पांडेय, डा. डीपी सिंह, डा. अशोक सिंह आदि का विशेष योगदान रहा।
जीनस एपीडेमिक्स विधि से संभव है कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार
आजमगढ़। कानपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. हर्ष निगम ने कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी व उसके उपचार के बारे में बताया। उन्होंने दावा किया कि जीनस एपीडेमिकस विधि (लक्षण के आधार पर उपचार) से इस वायरस जनित रोेग का उपचार संभव है। डा. हर्ष के मुताबिक यह आरएनए वायरस है। इसे 2019 एन. सीओवी के नाम से भी जाना जाता है। इसका एलोपैथ में कोई उपचार नहीं है। यह तेजी से फैलने वाला वायरस है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इस वायरस की चपेट में आने पर रैपिड निमोनिया हो जाती है। इससे 15 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है। होमियोपैथिक में जीनस एपीडेमिकस विधि से इसका उपचार संभव है। क्योंकि अब तक जो लक्षण सामने आये है उनसे साफ है कि इसके उपचार में यह विधि कारगर साबित होगी।
राहुल प्रेक्षागृह में होम्यो पैथ चिकित्सकों के राष्ट्रीय सेमिनार में एसोसिएशन के राष्टीय अध्य?- फोटो : AZAMGARH