आजमगढ़। रंगों का पर्व होली 29 मार्च को है। इसके एक दिन पूर्व होलिका दहन होती है। जिले में इस बार कुल 1987 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। होलिका दहन और होली को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को पुलिस और प्रशासनिक महकमे ने कमर कस ली है। कई होलिका दहन स्थलों को पूर्व में हुई घटनाओं के चलते संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। थानों पर शांति समिति की बैठकें की जा रही हैं तो वहीं हर छोटे-बड़े विवादों के निपटारे में महकमा जुटा है।
पुलिस महकमे से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र में 53 स्थानों पर होलिका दहन होगी वहीं दो होलिका दहन जुलूस निकाले जाएंगे। सिधारी थाना क्षेत्र में भी 53 स्थानों पर होलिका दहन होगी। बीते पांच वर्षो में इस थाना क्षेत्र के तीन होलिका दहन स्थलों पर विवाद भी हो चुका है। रानी की सराय में 23, कंधरापुर में 83, मुबारकपुर में 121, जहानागंज में 83, निजामाबाद में 47 स्थानों पर इस साल होलिका दहन होगा। वहीं गंभीरपुर में 27, देवगांव कोतवाली क्षेत्र में 128, मेंहनाजपुर में 71, बरदह में 27, मेहनगर में 115, तरवां में 59, जीयनपुर में 151, महराजगंज में 101, बिलरियागंज में 82, रौनापार में 48, अतरौलिया में 39, अहरौला में 91, कप्तानगंज में 61, तहबरपुर में से 78, फूलपुर में 133, पवई में 132, सरायमीर में 65 और दीदारगंज थाना क्षेत्र में 116 स्थानों पर होलिका दहन होगा। पुलिस और प्रशासनिक अमले द्वारा तैयार की गई सूची में आठ ऐसे स्थल हैं, जहां बीते पांच साल के अंदर होलिका दहन के दौरान किसी न किसी तरह का विवाद हुआ है। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इस बार होलिका दहन व होली पर्व पर किसी तरह का विवाद न हो इसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है। शांतिपूर्ण त्यौहार को संपन्न कराना महकमे की प्राथमिकता में है। उपद्रवी तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर है। किसी भी तरह का विवाद करने वालों के खिलाफ महकमा सख्त कार्रवाई करेगा।