आजमगढ़। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान सहित तमाम आतंकी संगठन बौखलाए हैं। आशंका जताई जा रही है कि बड़े धमाके की योजना बन रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहती। एसपी ग्रामीण, नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दस लाख रुपये के इनामी फरार आतंकी आरिज उर्फ जुनैद की हिस्ट्रीशीट खोलने के लिए एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह को निर्देश दिया है। पुलिस रिपोर्ट तैयार कर रही है। वहीं इसके गतिविधियों पर भी नजर रखा जा रहा है।
आरिज उर्फ जुनैद बिलरियागंज थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव का निवासी है। आरिज की प्रारंभिक शिक्षा उसके गांव नसीरपुर में हुई है। वर्ष 2001 में उसने हाईस्कूल और 2003 में इंटरमीडिएट की परीक्षा शहर में स्थित ज्योति निकेतन स्कूल से प्राप्त की है। इसने सनातम धर्म अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय मुजफ्फनगर से बीटेक में दाखिला लिया, लेकिन 2007 में फेल हो गया। परीक्षा में फेल हो जाने के बाद वह हिस्ट्रीशीटर डा. शहनवाज के माध्यम से सिमी के संपर्क में आया। सबसे पहले वर्ष 2007 में गोरखपुर धमाके में उसका नाम प्रकाश में आया। इसके अलावा जयपुर ब्लास्ट, अहमदाबाद ब्लास्ट, दिल्ली बम ब्लास्ट में भी इसका नाम उजागर हुआ। आरिज उर्फ जुनैद वर्तमान में आतंकी संगठन आईएएम का सक्रिय सदस्य है। और काफी दिनों से फरार है। भारतीय खुफिया जांच एजेंसी एनआईए की तरफ से वर्ष 2012 में इसके ऊपर दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पुलिस के मुताबिक देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक एवं सक्रिय आतंकवादियों की सूची में आरिज का नाम शामिल है। ऐसे में आरिज उर्फ जुनैद की हिस्ट्रीशीट खोलते हुए इसके क्रिया कलापों पर नजर रखना आवश्यक है।