आजमगढ़। हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका अहम है। उक्त बातें सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार शर्मा ने कही।
साहित्यानुरागी संस्था की ओर से नेहरू हाल में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी दिवस के पूर्व संध्या पर मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिंदी दिल को स्पर्श करने वाली भाषा है। इसकी व्यापकता को सुरक्षित करने की जरूरत है। भाषा से हमारी संस्कृति की रक्षा होती है।
डॉ. अनिल राय ने कहा कि हिंदी को विश्व स्तर पर पहचान मिली है। हालांकि कामकाज में अंग्रेजी की अनिवार्यता से हिंदी को खतरा है। डॉ. इशरत जहां ने कहा कि हम हिंदी का सम्मान करके ही समाज को एक सुसंस्कृत स्वरूप दे सकते हैं। हिंदी के साथ सभी भाषाओं को सम्मान देकर ही हिंदी की रक्षा कर सकते हैं।
डायट के प्राचार्य अमरनाथ राय ने कहा कि कोई भी भाषा समाप्त नहीं हो सकती, जब हमारी मानसिकता खत्म होती है तब भाषाओं पर खतरा आता है। पूर्वांचल डिग्री कॉलेज के समूह निदेशक पंकज वात्स्यायन ने साहित्यानुरागी संस्था द्वारा हिंदी भाषा के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी में मातृ भाषा के प्रति अनुराग पैदा करते हैं।
कुलपति सहित सभी अतिथियों को डॉ. मनीषा मिश्रा, संयोजक सरोज यादव, विदुषी श्रीवास्तव और इंदु श्रीवास्तव ने स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की संरक्षक डॉ. मालती मिश्रा, संचालन देवेंद्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर प्रतिभा सिंह, आराधना शुक्ला, डॉ. आनंद मिश्र, विजयेंद्र श्रीवास्तव, रविन्द्र अस्थाना, प्रतिभा पाठक, अजय पांडेय आदि मौजूद थे।