आजमगढ़/लाटघाट। रामानंद सरस्वती पुस्कालय जाेकहरा की हिना देसाई और पूनम तिवारी ने नारियों की शक्ति का एहसास कराया है। दोनों ही जुझारू महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने महिला दिवस के अवसर शनिवार को राजभवन बुलाकर सम्मानित किया।
श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की डायरेक्टर हिना देसाई विगत 15 सालों से समाज सेवा के कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक उनके द्वारा 5000 महिलाओं की काउंसलिंग की गई है। कॉलेज स्कूलों में लड़कियों को यौन हिंसा और साइबर क्राइम के संबंध में जागृति पैदा की गई है। दबे, कुचले, गरीब व असहाय महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में भी काम किया है। हिना देसाई ने देवरांचल की की सैकड़ों ऐसी महिलाएं को स्वावलंबी बनाया जो आर्थिक रूप से काफी परेशान थीं। आज वह अपना खुद का रोजगार करके परिवार का भरण पोषण कर रही है। उनकी समाज सेवा को देखते हुए उनको यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
वहीं, खो-खो और कबड्डी खोल की राज्यस्तरीय ओपेन गेम की खिलाड़ी डा. पूनम तिवारी ने अपने संघर्षों के दम पर ऊंची बुलंदी को छुआ है। महिलाओं की दशा को देखकर उन्होंने महिलाओं को लेकर कुछ करने की ठानी। इसी क्रम में 2010 में नारी शक्ति संस्थान नाम के संगठन का गठन करके पहली बैठक हुई। इसके बाद 2013 में संगठन का पंजीकरण कराया। इसके बाद संगठन के माध्यम से महिलाओं की आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाती रहीं। 15 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उनकी परिश्रम उस समय रंग लाई जब राजभवन में राज्यपाल द्वारा उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। दोनों नारी शक्तियों को मिली इस सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।