इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी वकील को 'अनपढ़' कहने पर पुलिस अधीक्षक के पीआरओ को कड़ी फटकार लगाई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक और थानाध्यक्ष महाराजगंज को भी व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह आदेश 12 अक्तूबर को प्रभावी होगा।
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क्या है पूरा मामला
यह मामला महाराजगंज थाने से जुड़ा है, जहां सचिन यादव पर अपनी मंगेतर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है। विवाह टूटने के बाद सचिन यादव ने यह कदम उठाया था। सचिन यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले विवेचक विनय कुमार मिश्रा के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था। विनय कुमार मिश्रा ने हाईकोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि उन्हें वारंट की जानकारी नहीं थी।
सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाया कि इस मामले में थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही बरती है। इसी बीच, सहायक सरकारी वकील (एजीए) अनुराग पांडेय ने बताया कि फोन पर बात करते समय पुलिस अधीक्षक के पीआरओ ने उन्हें 'अनपढ़' कहा। इस पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने नाराजगी जताई और एसपी, थानाध्यक्ष और पीआरओ को तलब करने का आदेश दिया।