बरदह थाना क्षेत्र नरवें गांव में शुक्रवार की रात आए दो मिनट के चक्रवाती तूफान ने जमकर तबाही मचाई। इसकी चपेट में आने से कच्चे-पक्के 45 घर तबाह हो गए। तेज हवा के प्रभाव से एक दो मंजिल भवन की छत उड़कर पांच सौ मीटर दूर जा गिरी जबकि कई मड़इयां, सीमेंट शीट, टीनशेड आदि उड़ गए। गांव में कई स्थानों पर पेड़ टूटकर भवनों पर गिर गए जिससे घर की दीवारें, छत आदि क्षतिग्रस्त हो गई है। कहीं पेड़ गिरने तो कहीं उड़े शेड की चपेट में आने से महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। घायलों का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है। चक्रवात प्रभावित परिवार की महिलाएं, बच्चे और बुुजुर्ग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
बरदह थाना क्षेत्र के मार्टिनगंज ब्लाक के तहत आने वाला नरवें गांव जौनपुर से सटा इलाका है। इस गांव में तीन सौ से अधिक घरों में रहने वालों की संख्या पांच हजार से अधिक है। गांव में पिछड़ी जाति के लोगों की संख्या अधिक है। शुक्रवार की शाम से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे। हवा भी रुक-रुक कर तेज गति से चल रही थी। ज्यादातर लोग दरवाजे के बाहर बैठकर या सीवान में टहल कर मौसम का आनंद ले रहे थे। रात के वक्त अचानक चक्रवात आ गया और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी। इस दौरान मड़इयां, सीमेंट शेड, छप्पर, दरवाजे पर पड़ी चारपाई आदि उड़ गए। घने अंधेरे के बीच घरों में मिट्टी, धुल आदि भर गए। चक्रवात से गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो गया। ग्रामीणों की मानें तो तेज हवा के चलते करीब 200 से अधिक नए और पुराने पेड़ गिर गए। कई स्थानों पर भवनों पर पेड़ गिरने से दीवारें और छत क्षतिग्रस्त हो गई। आंधी के दौरान रामनरायन के दो मंजिल भवन की छत उड़कर पांच सौ मीटर दूर जाकर गिरी। संजोग ही रहा कि छत का मलबा खाली स्थान पर गिरा अन्यथा कई लोगों की जान चली जाती। चक्रवात के दौरान भूंसी गोंड़ (60), राजेश (40) और जमुरता देवी (40) घायल हो गईं। इनका स्थानीय डाक्टर के यहां इलाज चल रहा है। जमुरता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पीड़ितों में धर्मेंद्र गोंड़, पंकज, जसवंत, दुर्गावती, सुशील सिंह, लालचंद, श्रीराम गुप्ता आदि सहित 45 परिवार इस तूफान से तबाह हो गए हैं। इन परिवार के लोग खुले में दिन और रात बिताने को मजबूर हैं।