फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: एंबुलेंस में स्वास्थ्यकर्मी ने खींचा पेसमेकर, मरीज को फिर आया अटैक; निजी अस्पताल में मारपीट का आरोप

Mon, 27 Oct 2025 04:07 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: यूपी के आजमगढ़ जिले में अस्पतालकर्मियों ने मारपीट की है। तीमारदारों ने आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। कहा कि पेसमेकर के ज्यादा पैसे मांग रहे थे। डिस्चार्ज करने में भी देर की जा रही थी।
विज्ञापन
आजमगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र का मामला। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आजमगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव निवासी नंदलाल राजभर (67) को रविवार को हार्ट अटैक आने पर परिजन कोलघाट स्थित विनायक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने पेसमेकर लगाने की सलाह दी। 

विज्ञापन


परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही तो स्टाफ ने मरीज को डिस्चार्ज करने में देरी की और एंबुलेंस में बैठाने के दौरान पेसमेकर खींचने का प्रयास किया, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। विरोध करने पर अस्पताल कर्मियों ने तीमारदारों से मारपीट की।

मरीज के पुत्र विनय राजभर ने बताया कि उनके पिता को रविवार दोपहर विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने पेसमेकर लगाने के लिए 2.20 लाख की मांग की। उन्होंने कहा कि इतनी रकम एक बार में देना संभव नहीं है और मरीज को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की बात कही। इसके बाद डिस्चार्ज में भी करीब डेढ़ घंटे की देरी की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मारपीट का आरोप

विनय का आरोप है कि जब वह मरीज को एंबुलेंस में ले जा रहे थे, तब अस्पताल के डॉक्टर ने पहले से लगाए गए पेसमेकर को खींचने का प्रयास किया। जब उन्होंने विरोध किया तो अस्पताल कर्मियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्होंने कहा कि पेसमेकर का 22 हजार पहले ही जमा किया जा चुका था, जिसकी रसीद उनके पास है। बताया कि भर्ती के बाद से अस्पताल में भर्ती के बाद से 50 हजार से अधिक रुपये चिकित्सक ले चुके हैं।

अस्पताल संचालक ने बताया आरोप निराधार : विनायक अस्पताल के चिकित्सक डा. विनय चौहान ने कहा कि मरीज गंभीर हालत में लाया गया था। उसे अस्थायी पेसमेकर लगाकर राहत दी गई थी। परिजनों ने स्वयं मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया और एंबुलेंस में पेसमेकर बदलते समय मरीज को दोबारा अटैक आया। उन्होंने कहा कि मारपीट का आरोप गलत और निराधार है। अस्पताल स्टाफ ने किसी से हाथापाई नहीं की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें