स्वास्थ्य विभाग जून को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाएगा। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मलेरिया के साथ कोविड के रोकथाम के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। दोनों बीमारियों पर जन भागादारी से ही नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मलेरिया रोधी माह के तहत प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की जाएगी। मलेरिया के मरीजों का तुरंत उपचार शुरू किया जाएगा। आशा और एएनएम के सहयोग से जलभराव वाले स्थानों पर कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा। लोगों को घरों के आसपास सफाई करने और जलभराव वाले स्थानों पर जला हुआ मोबिल डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान ‘हर रविवार, मच्छर पर वार’ कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें जलभराव, कूलर, पानी का टैंक, गमला, नारियल के खोल आदि नष्ट कराया जाएगा। नोडल अधिकारी डा. वाई के राय ने बताया कि मलेरिया रोधी माह का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच मलेरिया के बारे में जागरूकता पैदा करना है। जनपद के समस्त सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता के द्वारा घर-घर ‘हर रविवार, मच्छर पर वार’ स्लोगन का प्रचार-प्रसार कर जनमानस को जागरूक किया जाएगा। जिला मलेरिया इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मलेरिया में व्यक्ति को ठंड के साथ तेज बुखार होता है जो प्रतिदिन 3 से 4 घंटे तक रहता है। मलेरिया 10 से 12 दिन तक व्यक्ति को प्रभावित करता है। उल्टी, दस्त, पसीना आना भी इसके लक्षण हैं।