आजमगढ़ विकास प्राधिकरण क्षेत्र में आवास का निर्माण कराने के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। वर्ष 2018 से सरकार ने आनलाइन मानचित्र स्वीकृति की व्यवस्था की है। इसके बाद से अब तक महज 25 आवेदन ही विभाग द्वारा स्वीकृत किए गए हैं जबकि नगर क्षेत्र के इस दौैरान सैकड़ों भवनों का निर्माण हो चुका है। कोरोना काल में तो एक भी मानचित्र स्वीकृति के लिए नहीं दाखिल किया गया। जनपद में विकास प्राधिकरण का गठन 2008 में हुआ है। तबसे लेकर अब तक एडीए से लगभग 2000 मानचित्र विभाग द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। वहीं बिना मानचित्र के हजारों भवन बनकर तैयार हो गए। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिन भवनों को मानचित्र स्वीकृत न होने के कारण एडीए द्वारा रोका गया उन भवनों का निर्माण पूरा हो गया है। इतना ही नहीं उन भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। वर्ष 2018 में शासन ने आनलाइन मानचित्र स्वीकृत करने की व्यवस्था की ताकि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके। जब आनलाइन कार्य शुरू हुआ तो कोरोना ने ग्रहण लगा दिया। विभाग की मानें तो अब तक मात्र 25 आवेदन आनलाइन स्वीकृत किए गए हैं। वहीं कोरोना काल में किसी ने भी मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन नहीं किया। ऑनलाइन की जटिल प्रक्रिया और विभाग में कर्मचारियों की कमी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में कोरोना का संक्रमण हो चुका है लेकिन एडीए सचिव बीमार हैं जिसके कारण आफिस में कोई काम नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी ओर आफिस में भी काम चल रहा है। जिसके कारण कर्मचारियों के बैठने की भी जगह नहीं है। ऐसे में परेशान लोग बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही निर्माण करा रहे हैं।