आजमगढ़। वर्तमान समय में अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण एवं अन्य कारणों के चलते लोग तेजी से हृदय रोग की चपेट में आ रहा है। पहले बुजर्गों में होने वाली हृदय से जुड़ी समस्याएं अब छोटी उम्र में भी लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। आंकड़ों की मानें तो पूरी दुनिया प्रति वर्ष दिल के दौरे से एक करोड़ से भी अधिक लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 50 प्रतिशत लोग अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। अगर समय रहते हृदय से जुड़ी समस्याओं पर काबू नहीं पाया गया, तो 2020 तक हर तीसरे इंसान की मौत का प्रमुख कारण हृदय रोग ही होगा। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश मामलों में हृदय रोग का प्रमुख कारण तनाव ही होता है।
मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी हृदय रोगों को जन्म देती है। इन सभी बीमारियों से बचने के लिए स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना व सावधानी रखना अनिवार्य है। चिकित्सक बताते हैं कि दिल का सबसे बड़ा दुश्मन तनाव है। इसका बड़ा कारण जीवनशैली है। इसके अलावा बिगड़ी दिनचर्या, गलत खानपान, प्रदूषण के चलते दिल से जुड़ी बीमारियां काफी बढ़ रही हैं। दिल को दुरुस्त रखने के लिए सही खानपान, एक्सरसाइज और तनाव को दूर भगाना सबसे जरूरी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 में 20 से 25 हृदय रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं।
शरीर को पहुंचाता है शुद्ध रक्त
तनाव के कारण मस्तिष्क से जो रसायन स्रावित होते हैं वे हृदय की पूरी प्रणाली खराब कर देते हैं। हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार पंप करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है। हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं।
- हृदय को स्वस्थ रखने के लिए करें ये उपाय
- प्रतिदिन अन्य कार्यों की तरह ही व्यायाम के लिए भी समय निकालें।
- सुबह और शाम के समय पैदल चलें या सैर पर जाएं।
- भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम कर लें, अधिक मात्रा में यह हानिकारक होते हैं।
- ताजे फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें।
- तनावमुक्त जीवन जीए, तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान के द्वारा इस पर नियंत्रण करें।
- धूम्रपान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, यह हृदय के साथ ही कई बीमारियों का कारक है।
- स्वस्थ शशरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें।
हृदय रोग पूरे विश्व में एक गंभीर बीमारी है। उचित दिनचर्या और नियमित जांच कराने से हृदय रोगों से बचा जा सकता है। थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालें। तंबाकू से दूर रहें। नमक कम मात्रा में सेवन करें। ताजा सब्जियां और फल लें। कम वसा वाले आहार लें।
-डॉ. आरआर श्रीवास्तव, हृदय रोग विशेषज्ञ
दिल की बीमारी के लक्षण
- थोड़ी मेहनत से ही थकान महसूस होना
- गले, जबड़े, पीठ और हाथ का दर्द
- सांस फूलना और जल्दी पसीना आना
- छाती में दबाव का महसूस होना
- चक्कर आना और आंखों के आगे अंधेरा छाना
- खर्राटे लेते समय ऐसी आवाज जैसे कोई चोक हो रहा हो
- पैर, तलवे आदि में सूजन का आना।
- दिल की धड़कन का तेज होना।