अतरौलिया। पिछले दौरे के दौरान जिले के नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव उर्जा से ग्रामीणों ने गांव लोहरा में गलत पट्टा देने की शिकायत की गई थी। मामले की जांच डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी थी।
गुरुवार शाम छह बजे बूढ़नपुर एडीएम तहसील प्रशासन को जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान प्रधान और उनके समर्थकों ने उनके सामने ही शिकायतकर्ताओं को चप्पलों से धुन डाला। मामले में प्रधान समेत 17 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है और एडीएम वित्त एवं राजस्व ने अपने सामने मारपीट से इंकार किया है।
नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव उर्जा आलोक कुमार प्रथाम से गांव लोहरा निवासी मुकेश मिश्रा और अनूप सिंह ने शिकायत की थी कि गांव में अपात्र लोगों को पट्टा आवंटित कर दिया गया है। मामले की जांच जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता को सौंपी था।
गुरुवार शाम एडीएम वित्त एवं राजस्व तहसीलदार बूढ़नपुर अंबिका चौधरी और नायब तहसीलदार विराग पांडेय आदि के साथ जांच के लिए गांव पहुंचे। इसी दौरान प्रधान महेंद्र कन्नौजिया और उसके समर्थकों जिसमें महिलाएं भी शामिल थी, ने शिकायत कर्ता मुकेश और अनूप पर चप्पलों आदि से हमला बोलकर धुन डाला।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके से निकल गए। मामले में मुकेश की ओर से अतरौलिया थाने में प्रधान समेत 17 लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर प्रधान महेंद्र कन्नौजिया, दीपक, सुरेंद्र, राधेश्याम, बललू गोंड़, करिया यादव, राजेश यादव, स्वरूप यादव, आबरार समेत 17 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं, प्रशासन ने अपने सामने किसी भी प्रकार की मारपीट से इंकार किया है।
जांच के लिए गांव पहुंचा था। जब तक शिकायतकर्ता नहीं थे, तब तक सब ठीक चल रहा था। शिकायतकर्ताओं के आने का बाद दूसरे पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। मारपीट नहीं हुई थी। न ही मेरी तरफ से कोई कार्रवाई की गई है।
वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व