विभिन्न मागों को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बृहस्पतिवार की रात 10 बजे से 72 घंटे की हड़ताल का एलान है। हड़ताल से सात घंटे पूर्व बृहस्पतिवार को 33 केवी के 15 विद्युत उपकेंद्रों की कर्मचारियों ने बिजली गुल कर दी। ऐसे में शहर क्षेत्र में आपूर्ति करने वाले दो फीडरों की बिजली गुल होने से आधा शहर अंधेरे में रहा। जबकि सुबह लोग पानी के लिए परेशान हुए और बाल्टी लेकर हैंडपंपों का रुख किया। जहां पानी के लिए मारामारी रही। सरकार से टकराव के बाद विद्युत कर्मचारी बृहस्पतिवार की रात 10 बजे से 72 की हड़ताल पर जाएंगे। इसके पूर्व बुधवार को कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। हड़ताल शुरू होने से सात घंटे पूर्व ही 33 केवी के 15 उपकेंद्रों समेत शहर में आपूर्ति देने वाले दो फीडरों हाफिजपुर और मातनपुर फीडर की बिजली बंद कर दी। ऐसे में आधा शहर अंधेरे में डूब गया। सुबह जब लोगों की आंख खुली तो बिजली गायब थी। हालांकि मौसम में गर्मी न होने से लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन लोग पानी को तरस गए। जिसका परिणाम हुआ कि सुबह से दैनिक क्रिया के लिए लोग बाल्टी लेकर हैंडपंपों पर पानी भरते नजर आए। पूरे जनपद में विद्युत आपूर्ति को सुचारू रूप से व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है। जिलाधिकारी ने विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या आने पर त्वरित गति से निस्तारण करने का निर्देश दिया है। इसके लिए जनपद स्तरीय कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है जो लगातार 24 घंटे सतत रूप से संचालित रहेगा। विद्युत से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए विद्युत उपभोक्ता जिला कंट्रोल रूम के नंबर- 05462356039 एवं 9454417172 पर संपर्क कर सकते हैं। लेकिन बृहस्पतिवार को जब कंट्रोल रूम के नंबर 05462356039 पर संपर्क किया गया तो बताया गया कि यह नंबर उपलब्ध नहीं है। वहीं दूसरा नंबर 9454417172 पूरे दिन व्यस्त बताता रहा।