ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते का पालन नहीं होने से नाराज बिजली कर्मचारी व अधिकारी बृहस्पतिवार को मुख्य अभिंयता कार्यालय परिसर में सभा करने के बाद रात से 72 घंटे के लिए हड़ताल पर चले गए। इसके लिए उन्होंने शीर्ष प्रबंधन के नकारात्मक व हठवादी रवैये को कारण बताया। प्रभु नारायण पांडेय ने कहा कि ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन की हठवादिता के चलते बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। समझौते में ऊर्जा निगमों के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक का चयन समिति के द्वारा किया जाना। पूर्व की तरह मिल रहे तीन पदोन्नति पदों के समयबद्ध वेतनमान के आदेश, पावर सेक्टर इम्प्लॉईज प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने के साथ ही पारेषण के विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन व अनुरक्षण की आउटसोर्सिंग को बंद करने व नये विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण पारेषण निगम से कराए जाने पर सहमति बनी थी। कहा कि निविदा, संविदा कर्मियों को अलग-अलग निगमों में मिल रहे मानदेय की विसंगति दूर कर समान मानदेय दिया जाय और भत्तों के पुनरीक्षण व वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाय। धरने में राज नारायण सिंह, मुन्नवर अली, निखिल सिंह ,संदीप प्रजापति, नीरज त्रिपाठी, अशेष सिंह, संतोष पाल आदि मौजूद थे।