आजमगढ़। जिले की परिषदीय स्कूलों में 3.13 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। पढ़ाई का आधा सत्र बीतने के बाद भी शत प्रतिशत बच्चों को यूनिफाॅर्म , जूता मोजा और बैग नहीं मिल सका है। जनपद के 38 हजार 333 बच्चों को शिक्षा सत्र के छह माह बीतने के बाद भी यूनिफाॅर्म की धनराशि नहीं मिली है। ऐसे में इन बच्चों को बिना स्कूल यूनिफाॅर्म के ही विद्यालय आना पड़ता है।
जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक और 524 कंपोजिट स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 293,007 बच्चों के अभिभावकों के खाते में जूता-मोजा, ड्रेस व बैग के लिए भुगतान कर दिया गया। अभिभावकों के खाते में डीबीटी से परिषदीय विद्यालय के लिए 1,200 रुपये का भुगतान किया गया। वहीं बाकी के 38,333 बच्चों को यूनिफाॅर्म का पैसा नहीं दिया जा सका है। इसमें 6586 छात्र-छात्रा ऐसे हैं जिनके अभिभावकों का खाता बैंक से सीडेड नहीं था। वहीं 26732 बच्चों का अभी तक आधार ही नहीं उपलब्ध हो सका है। विभागीय लापरवाही से अभी तक 2147 बच्चों को आधार नहीं सत्यापित हो सका है। 1829 बच्चों का आधार सत्यापन अभी पेंडिंग है। इसी प्रकार 2868 अभिभावकों को आधार सत्यापन भी पेंडिंग है। यह विद्यार्थी या तो पुरानी यूनिफाॅर्म और जूते-मोजे पहनकर विद्यालय जाते हैं या फिर बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय जाते हैं।
कोट
ज्यादातर बच्चों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। बाकी के अधिकांश विद्यार्थियों के प्रपत्र भी अपलोड कर दिए गए हैं। अगले चरण में उन्हें भी सहायता राशि प्राप्त हो जाएगी।
मनोज कुमार मिश्रा,एडी बेसिक