मेहनगर थाना क्षेत्र के नई गांव के दक्षिण सिवान में छह फरवरी को गोली मारकर की गई श्रीपत यादव की हत्या में शामिल चार बदमाशों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान पता चला कि श्रीपत की हत्या का तानाबाना उसकी गलत आदतों से तंग आए उसके बेटे ने ही बुना था। वह डेढ़ लाख रुपये में भाड़े के शूटरों से सौदा तय किया था।
25 हजार रुपये उन्हें एडवांस भी दिया था। सोमवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने घटना का खुलासा किया।
एसपी ने बताया कि मेहनगर थाना क्षेत्र के देवईत उष्मपुर गांव निवासी श्रीपत यादव सूद का कारोबार करता था। छह फरवरी दिन में करीब तीन बजे वह मेहनगर थाने के डीहां बाजार से घर लौट रहा था।
नई गांव के सिवान में घात लगाए बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के संबंध में मृतक की पत्नी बसंती देवी ने अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना के खुलासे के लिए एसओ मेहनगर के साथ क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को भी लगाया गया था। एसपी ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस श्रीपत के गांव में रह रहे जहानागंज थाने के बुंदा गांव निवासी अशोक यादव को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान उसने पूरी कहानी पुलिस के समक्ष बयां कर दिया। एसपी के मुताबिक श्रीपत का चरित्र ठीक नहीं था। उसकी गलत हरकतों से घर के लोग भी परेशान थे।
इसी के चलते 21 नवंबर 2014 को श्रीपत के बड़े पुत्र धर्मेंद्र यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पिता की गलत हरकतों से तंग उसके छोटे पुत्र महेंद्र यादव ने अपने पिता की हत्या का षड्यंत्र रचा।
मेहनगर थाने के अहियायी गांव निवासी सुदर्शन यादव से डेढ़ लाख रुपये में सुपारी तय कर दी। साथ ही 25 हजार एडवांस दे दिया।
रुपये मिलने के बाद सुदर्शन मेहनगर थाने के ठुठवा गांव निवासी अपने मित्र रामनिवास यादव, रानी की सराय थाने के चकवारा गांव निवासी विनोद यादव बिंदे, ठुठवा गांव निवासी नंगा यादव, गंभीरपुर थाने के तियरी मनिराम गांव निवासी धर्मेंद्र यादव इसी थाना क्षेत्र के सिधौनी गांव निवासी हवलदार यादव के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
एसपी ने बताया कि घटना में लिप्त अशोक, रामनिवास, महेंद्र और रमेश को गिरफ्तार कर लिया गया है।