थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी एक व्यक्ति के घर रविवार को उसकी बेटी की बारात आनी थी लेकिन शादी से एक दिन पूर्व शनिवार को ही दूल्हे की तबियत खराब हो गई। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। लड़की वाले अस्पताल में ही विवाह संपन्न कराना चाहते थे लेकिन लड़के के घरवाले इस पर राजी नहीं हुए। बारात की सारी तैयारियां कर चुके दुल्हन के घर रोना-धोना मचा था।
खजुरी गांव निवासी श्यामधनी शर्मा ने अपनी बेटी नीतू की शादी सरायमीर थाना के फत्तेपुर गांव निवासी उदय नरायन शर्मा के पुत्र दशरथ शर्मा के साथ तय की थी। करीब 15 दिन पूर्व नीतू के घरवाले एक लाख रुपया, बाइक आदि तिलक चढ़ाकर घर लौटे थे। रविवार को बारात आनी थी।
दूल्हे दशरथ को शनिवार को तेज बुखार आने की वजह से घर के लोगों ने उसे स्थानीय डाक्टर के यहां भर्ती कराया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इधर, लड़की पक्ष के लोग शादी में आने वाले बारातियों के भोजन आदि की सारी तैयारी कर चुके थे। रविवार की सुबह उन्हें दशरथ के बीमार होने की जानकारी हुई तो उनके होश ही उड़ गए। देर रात तक अस्पताल में मान-मनौवल चल रहा था।